जम्मू-कश्मीर को केन्द्र में रख कर अमेरिका की भारत-पाकिस्तान संबंधी नीति में बदलाव के राजग के कार्यकारी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बारे में अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर शुरू हुई चर्चा के दौरान आडवाणी और सिंह के बीच कई बार नोंकझोंक हुई। सिंह ने उक्त बात आडवाणी द्वारा लगाए इस आरोप के जवाब में कही कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चुनाव के दौरान कहा था कि सत्ता में आने पर वह कश्मीर समस्या का समाधान कराने को पूरी ताकत लगाएंगे और अब सरकार अमेरिका के दबाव में इस मुद्दे पर एक गुप्त समझौते की दिशा में बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने आडवाणी को बीच में टोकते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान संबंधों के प्रति अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। राष्ट्रपति ओबामा ने खुद कहा है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बातचीत का ब्यौरा दिए जाने की आडवाणी की मांग पर सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जब जसवंत सिंह विदेश मंत्री थे तो उनकी स्ट्राब टालबोट (तत्कालीन अमेरिकी बुश प्रशासन के शीर्ष अधिकारी) से दर्जनों बार बात हुई होगी। क्या आपने हर बार संसद को इस बातचीत की जानकारी दी। आप कैसे उम्मीद करते हैं कि मैं आपके काल्पनिक सवाल का जवाब दूंगा।’’
इससे पूर्व , आडवाणी द्वारा सेवानिवृत सैनिकों को एक रैंक, एक पेंशन का सवाल उठाए जाने पर प्रधानमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वह असैन्य और सैन्य वर्गो के बीच दरार पैदा न करें। सिंह ने कहा कि उन्होंने लाल किले की प्राचीर से इस संबंध में जो भी वादा किया था , उसे निभाया है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस मामले में वित्त मंत्री ने बजट में जो भी कहा , उसे लागू किया जा रहा है।
इस पर आडवाणी ने कहा कि अगर ऐसा है तो उन्हें खुशी है। आडवाणी का भाषण समाप्त होने पर मनमोहन सिंह सदन से उठकर चले गए।