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Posted on :
Thu February 18, 2010
कैपिटेशन फीस लेने पर हो सकती है जेल, विधेयक मंजूर
शैक्षणिक संस्थाओं में कदाचार पर लगाम लगाने से संबंधित विधेयक को मंत्रियों के समूह (जीओएम) की मंजूरी मिल गई है जिसके बाद अब कैपिटेशन फीस वसूलने वाले या वायदा पूरा नहीं करने वाले शैक्षणिक संस्थाओं के प्रशासकों को दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष के कारावास या 50 लाख रुपये तक अर्थ दंड की सजा दी जा सकती है।
कृषि मंत्री शरद पवार के नेतृत्व वाले मंत्रियों के समूह ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उस विधेयक को हरी झंडी दे दी जिसमें शैक्षिक कदाचार में संलिप्त संस्थाओं और उसके प्रशासकों के लिए कड़ा दंड दिये जाने की बात कही गई है।
शैक्षणिक संस्थाओं में कदाचार पर नियंत्रण से संबंधित विधेयक में अपराध की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्यो के लिए फौजदारी या दीवानी अपराध के तहत मामला चलाने का उल्लेख किया गया है।
Bhasha
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